+91-9760373493 conect2us@inrishikesh.com www.inrishikesh.com

छह माह भी नहीं टिकी छह करोड़ की सड़क, चीला-बैराज मार्ग भी खस्ताहाल

Posted By akash sharma / May 19, 2017 / / 0 Comments

छह माह भी नहीं टिकी कौड़िया-किमसार मोटर सड़क 

ऋषिकेश: सरकारी धन को विभाग किस तरह ठिकाने लगाते हैं, इसका उदाहरण देखना हो तो कौड़िया-किमसार मोटर मार्ग पर चले आइए। साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत में डब्ल्यूएमएम (वेट मिक्स मैकेडम) तकनीकी से निर्मित इस मार्ग में गुणवत्ता की पोल छह माह में खुल गई है। इस मार्ग के लिए चार माह तक लंबा आंदोलन लड़ने वाले ग्रामीण भी मार्ग की हालत को देखकर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

यमकेश्वर प्रखंड में डांडामंडल क्षेत्र के 84 गांवों को राजधानी से जोड़ने वाले मार्ग की मरम्मत व डामरीकरण के लिए डांडामंडल के ग्रामीणों ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रभावित संघर्ष समिति के बैनर तले दो वर्ष पूर्व चार माह लंबा आंदोलन लड़ा। चार जून 2015 से छह अक्टूबर 2015 तक चले आंदोलन में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल, जल सत्याग्रह, चक्काजाम व आमरण अनशन तक किया। आंदोलनकारियों पर मुकदमें भी दर्ज हुए, मगर आंदोलन का फलित यह हुआ कि तत्कालीन सरकार ने इस सड़क को डब्ल्यूएमएम तकनीकी से डामरीकरण के लिए स्वीकृति दे दी और छह करोड़ 56 लाख 26 हजार रुपये अवमुक्त कर वन विभाग के संरक्षण में लोक निर्माण विभाग को काम सौंप दिया। निर्माण विभाग ने जब यहां काम शुरू किया तो शुरुआती दौर में ही घटिया निर्माण के लिए सवाल उठने लगे थे। करीब छह माह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने कौड़िया से किमसार तक करीब 13.30 किलोमीटर मार्ग का डब्ल्यूएमएम तकनीकी से निर्माण पूरा कर दिया। मगर, आश्चर्य इस बात का है कि आगे-आगे सड़क का निर्माण कार्य बढ़ता गया और पीछे-पीछे सड़क उधड़ती चली गई। सड़क की ऐसी हालत और सरकारी धन की बर्बादी को देखकर ग्रामीण भी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पार्क प्रभावित संघर्ष समिति ने सरकार से इस मार्ग के निर्माण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

————-

खस्ताहाल है बैराज-चीला मोटर मार्ग

ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल होने वाले बैराज-चीला मोटर मार्ग भी खस्ताहाल हो चुका है। डांडामंडल क्षेत्र को भी ऋषिकेश व हरिद्वार से गंगा भोगपुर तक यही मार्ग जोड़ता है। जबकि ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच जाम की स्थिति होने पर यह मार्ग ही विकल्प के रूप में काम आता है। मगर, करीब पांच वर्षो से इस मार्ग का डामरीकरण न होने से मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिससे आए दिन यहां दुपहिया सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। इस मामले को लेकर जीएमवीएन अध्यक्षीय मंडल के सदस्य पंकज भट्ट ने ¨सचाई मंत्री सतपाल महाराज को पत्र भेज स्थित से अवगत कराया है। इस पत्र पर कबीना मंत्री सतपाल महाराज ने ¨सचाई विभाग के विभागाध्यक्ष को त्वरित कार्रवाई करने के आदेश जारी किये हैं।

————

कौड़िया-किमसार मोटर मार्ग पर कार्यदायी संस्था ने सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी की है। चंद समय में ही सड़क की हालत खराब हो चुकी है। कार्यदायी संस्था से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने दोबारा पे¨स्टग करने व किनारों के पैच भरने की बात कही थी, मगर अब वह भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि इस सड़क की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।

प्यारे लाल रणाकोटी, अध्यक्ष, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रभावित संघर्ष समिति

———–

यह मार्ग राजाजी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पार्क प्रशासन द्वारा हमें काम करने के लिए 31 मार्च तक का ही समय दिया था। अवधि पूर्ण होने के कारण हम कुछ पैच को पें¨टग नहीं कर पाए और कुछ किनारे के गड्ढे भी भरने को रह गए। यदि पार्क प्रशासन अनुमति दे तो हम गड्ढों का भरान कर देंगे। कौड़िया से आगे ग्रामीणों ने ही दोबार पें¨टग नहीं होने दी, वह पूरी सड़क की पें¨टग कराने का दबाव डाल रहे थे, जो संभव नहीं था।

राजेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, दुगड्डा

Inputs By – Jagran (http://www.jagran.com/uttarakhand/dehradun-city-16048336.html)

Comments

No comments

Leave a reply

You must be logged in to post a comment.